ग्राम पंचायतों को लीक से हटकर आजीविका मिशन पर विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत ।।

पिथौरागढ़,28नवंबर।
पंचायतीराज निदेशालय उत्तराखंड द्वारा आयोजित तीन विकास खंडों के तीन न्याय पंचायतों में आज सतत् विकास के चार लक्ष्यों पर खुलकर बातचीत हुई। ग्राम पंचायतों को लीक से हटकर आजीविका मिशन पर अग्रणीय कार्य करने के लिए योजना बनाने के लिए आगे आने की अपील की गई।
विकास खंड मूनाकोट के बीसाबजेड़, पिथौरागढ़ के नैनी तथा कनालीछीना के मोड़ी न्याय पंचायत में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण के अंतिम दिवस ग्राम पंचायतों को ग्राम पंचायत विकास योजना बनाते समय नवाचार का ध्यान रखते हुए आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचे युक्त गांव बनाने के लिए विशेष रूप से ध्यान देने पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में सहयोगी संस्था की भूमिका निभा रहे सोसायटी फॉर एक्सन इन हिमालया पिथौरागढ़ के मास्टर ट्रेनर्सो ने कहा कि जिस दिन कुछ ग्राम पंचायतों ने रूढ़िवादी सोच को दफन कर अपने गांव को रोजगार का हब बनाने की कल्पना को साकार करने के लिए आगे आना होगा।
प्रशिक्षण में इस बात पर जोर दिया गया कि एक तरह की योजनाओं को बार-बार ग्राम पंचायतों के भीतर बनाने से नवाचार की संभावना समाप्त जैसी हो जाती है, इसलिए हर बार नया सोचा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आजीविका के विकास के लिए हमें ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अपने बजट के अनुसार योजनाएं बनानी होगी।
उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों, मनरेगा, आजीविका मिशन आदि राज्य तथा भारत सरकार की योजनाओं से ग्राम पंचायतों में रोजगार सृजन के लिए नये प्रयोग करने चाहिए। 
बीसाबजेड न्याय पंचायत में ग्राम विकास अधिकारी शोभा द्विवेदी, ग्राम पंचायत राजेन्द्र चंद, हेमा देवी,  सरोज चंद, दीपा चंद न्याय पंचायत नैनी में ग्राम प्रधान हरिप्रिया देवी, गीता जोशी, इन्दु देवी, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी प्रीति आर्या न्याय पंचायत मोडी में ग्राम प्रधान कमला जोशी, अनिता देवी, गंगा देवी, बलवंत राम, पंचायत विकास अधिकारी शिवानी विश्वकर्मा सहित मास्टर ट्रेनर्स मौजूद रहे।

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