पिथौरागढ़,26नवंबर।
पंचायतीराज विभाग उत्तराखंड द्वारा आयोजित तीन विकास खंडों के न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण के दूसरे दिन महिला स्वयं सहायता समूहों, मनरेगा, आजीविका मिशन से ग्राम पंचायत के भीतर रोजगार सर्जन पर विशेष जोर दिया गया । न्याय पंचायत सटगल,चमू तथा गौरीहाट के प्रशिक्षण में आज सतत् विकास के चार लक्ष्यों पर खुली बातचीत हुई। कैसे स्मृद्ध ग्राम पंचायतों की कल्पना को साकार किया जा सकता है,इस थीम पर मास्टर ट्रेनर्सो ने उदाहरणों के साथ प्रशिक्षण दिया।
मूनाकोट के गौरीहाट, पिथौरागढ़ के सटगल, कनालीछीना के चमू न्याय पंचायत का दो दिवसीय प्रशिक्षण के दूसरे दिन चार सत्रों में आजिविका मिशन की योजनाओं महत्व देने लिए पंचायत स्तर पर विचार विमर्श करने पर बल दिया गया।
प्रशिक्षण में हिमालय क्षेत्र में जागरूकता, आजीविका, पर्यावरण पर कार्य करने वाली संस्था सोसायटी फॉर एक्सन इन हिमालया पिथौरागढ़ के मास्टर ट्रेनर्सो ने सतत् विकास के नौ में से चार लक्ष्यों पर आज उप प्रधान, सदस्य ग्राम पंचायत तथा रेखीय विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया।
मास्टर ट्रेनर्सो ने सभी के लिए स्वच्छ जल एवं स्वच्छता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पीने के साथ हमें सिंचाई का पानी भी स्वच्छ चाहिए। इस लिए पंचायतों को एक रोड़ मैप तैयार कर आगे बढ़ना चाहिए। पंचायतों को स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अपनी योजना बनानी चाहिए।
प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर्सो ने कहा कि सतत् एवं आधुनिक ऊर्जा के लिए भी विचार कर नागरिकों को सस्ती उर्जा 24 घंटे मिले इसके लिए आज से ही योजना बनानी होगी।
मास्टर ट्रेनर्सो ने आठवें लक्ष्य पर जोर देते हुए कहा कि अपने नागरिकों के आर्थिक विकास पर विशेष ध्यान देते हुए हमें गांव के भीतर रोजगार सर्जन के लिए विचार विमर्श करना चाहिए। इसके लिए महिला स्वयं सहायता समूहों तथा मनरेगा को आधार बनाकर गांव की आर्थिकी के लिए विचार गंभीरता से करना चाहिए।
प्रशिक्षण के अंतिम दिवस नौवें लक्ष्य पर मास्टर ट्रेनर्सो ने कहा कि ग्राम पंचायतों को अवस्थापना विकास, आद्यौगिकरण के लिए आगे बढ़ाने के लिए आज से ही ढांचागत विकास पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नवाचार को लगातार प्रोत्साहन देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास एवं रोजगार सृजन कार्यक्रम में विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।
प्रशिक्षण में उप प्रधानों द्वारा यह बात जोरदार ढंग से उठाया गया कि ग्राम पंचायतों को मिलने वाले बजट में मद का आंकलन करने का अधिकार ग्राम पंचायतों को दिया जाना चाहिए, ताकि वे अपने आवश्यकता के अनुसार कार्य कर सके। सरकारों की बजट को खर्च करने के लिए कोई गाइडलाइन नहीं होनी चाहिए।
गौरीहाट न्याय पंचायत में कला नगन्याल, सुरेन्द्र आर्या, संतोषी नगन्याल, अंकिता पाठक, यशवंत सिंह बृजवाल, सटगल न्याय पंचायत में हीरा सिंह मेहता, किरन ग्वाल, भगवती पाण्डेय, रघुबीर चंद, चमू न्याय पंचायत में रेखा रानी, अंजलि कुमारी, मनोज पांडेय, अनिसा नगन्याल ने मुख्य भूमिका निभाई।
इस मौके पर पंचायतीराज विभाग तथा ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों के रूप में सटगल न्याय पंचायत में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी चन्द्र कांत जोशी, गौरीहाट न्याय पंचायत में सहायक विकास अधिकारी पंचायत सोहन लाल वर्मा, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी मनोज धामी, नताशा पंत चमू न्याय पंचायत में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी शेर सिंह ऐरी मौजूद रहे। दो दिवसीय प्रशिक्षण का विधिवत समापन कर दिया गया।
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