डिम्मर गावँ पहुंचे मुख्य पुजारी श्री रावल ने किए भगवान लक्ष्मीनारायण के दर्शन।।

कर्णप्रयाग 22 नवंबर,
 श्री बदरीनाथ धाम यात्रा के समापन के पश्चात आज मंगलवार को श्री बदरीनाथ धाम के रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी  श्री  लक्ष्मीनारायण भगवान के दर्शन को डिमरियों के मूल गांव डिम्मर पहुंचे। जहां श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के सदस्य आशुतोष डिमरी ने रावल जी की अगवानी  की। उल्लेखनीय है कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 19 नवंबर को बंद हो गये उसके पश्चात  20 नवंबर को श्री उद्धव जी एवं कुबेर जी, रावल जी सहित आदिगुरु शंकराचार्य जी की गद्दी  योग बदरी पांडुकेश्वर पहुंची।
श्री उद्धव जी, कुबेर जी  शीतकाल में योग बदरी पांडुकेश्वर में प्रवास करते है। 
जबकि आदिगुरु शंकराचार्य जी की गद्दी श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ पहुंचती है छ: माह श्री नृसिंह मंदिर में शीतकाल में पूजा-अर्चना होती है।
 21 नवंबर  सोमवार को रावल जी सहित आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ में प्रतिष्ठित हो गयी थी।
इसके साथ ही श्री बदरीनाथ धाम यात्रा का औपचारिक समापन भी हो गया।
मंगलवार को  बदरीनाथ धाम के मुख्य पुजारी श्री रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी  के साथ धर्माधिकारी आचार्य राधाकृष्ण थपलियाल, वेदपाठी रविन्द्र भट्ट, नायब रावल अमरनाथ नंबूदरी, मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ आदि  डिम्मर गांव पहुंचे।
देवचौंरी में आयोजित स्वागत समारोह में   डिम्मर ग्राम पंचायत तथा महिला मंगल दल ने श्री रावल  सहित धर्माधिकारी, वेदपाठी  और आगंतुक अतिथियों का स्वागत किया।
फूल मालाओं तथा शाल ओढ़ाकर माल्यार्पण किया गया।
इस अवसर पर रावल जी एवं धर्माधिकारी ने आदिगुरु शंकराचार्य द्वारा स्थापित पवित्र जलकुंड के भी दर्शन किये। 
श्री चंडीमाता मंदिर तथा आदिकालीन ऐतिहासिक खडग के भी दर्शन किये।
 स्वागत समारोह में  डिम्मर गांव के निवासी तथा मंदिर समिति के सदस्य आशुतोष डिमरी ने  डिम्मर गांव के डिमरी पुजारियों के भगवान बदरीविशाल की अनवरत सेवा तथा  योगदान की चर्चा की साथ ही डिम्मर गांव के धार्मिक -ऐतिहासिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। 
 धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल ने कहा कि डिमरी समुदाय का श्री बदरीनाथ यात्रा में महत्त्वपूर्ण योगदान रहता है।
समारोह‌ को वेदपाठी रविन्द्र भट्ट ने भी संबोधित किया। प्रभुकांत डिमरी ने डिमर की ऐतिहासिक रामलीला के शताब्दी वर्ष विषयक जानकारी दी।
इस अवसर पर मंदिर समिति सदस्य आशुतोष डिमरी, लक्ष्मीनारायण मंदिर के पुजारी मोहन प्रसाद डिमरी, क्षेत्र पंचायत सदस्य संदीप डिमरी,डा. सुनील डिमरी, शैलेन्द्र डिमरी (वजीर), प्रभुकांत डिमरी, टीका प्रसाद डिमरी, गोवर्धन प्रसाद डिमरी  तथा समस्त डिमर गांव  पुजारीगण सभी श्रद्धालुजन मौजूद रहे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ