देहरादून,09 अगस्त।
श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बीजापुर गेस्ट हाउस में केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी.किशन रेड्डी से मुलाकात की तथा श्री केदारनाथ धाम के शीतकालीन गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ स्थित कोठा भवन तथा मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार के संबंध में विस्तृत रूपरेखा केंद्रीय पर्यटन मंत्री के समक्ष रखी। मंदिर समिति अध्यक्ष ने श्री बदरीनाथ धाम का मोमेंटो केंद्रीय मंत्री को भेंट किया।
अब तक मंदिर समिति द्वारा जीर्णोद्धार हेतु बनाये गये डीपीआर तथा वास्तु आंकलन से भी अवगत कराया तथा जीर्णोद्धार कार्यों हेतु केंद्र से सहायता का भी अनुरोध किया।
बीकेटीसी अध्यक्ष ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि शीतकाल में उत्तराखण्ड स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के पश्चात बाबा केदार की उत्सव डोली ऊखीमठ स्थित श्री ओंकारेश्वर मन्दिर में विराजमान होती है। तत्पश्चात शीतकाल में बाबा केदारनाथ की पूजा-अर्चना श्री ओंकारेश्वर मन्दिर में ही संचालित होती है। श्री ओंकारेश्वर मन्दिर परिसर में पौराणिक महत्व का कोठा भवन अवस्थित है। इस परिसर में ही आदि शंकराचार्य जी की गद्दी स्थल, भगवान श्री कृष्ण के पौत्र अनिरूद्ध का असुरराज वाणासुर की पुत्री ऊषा के साथ विवाह का मंडप आदि भी अवस्थित हैं, किन्तु यह पौराणिक कोठा भवन जीर्ण-शीर्ण स्थिति में है और कभी भी धराशाई हो सकता है। उक्त परिस्थितियों के मद्देनजर श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मन्दिर समिति द्वारा कोठा भवन के जीर्णोद्धार की योजना प्रस्तावित की गई है।
इसके अतिरिक्त मन्दिर समिति ने श्री ओंकारेश्वर के ऐतिहासिक व पौराणिक महत्व को देखते हुए सम्पूर्ण मन्दिर परिसर के विकास व विस्तारीकरण की कार्ययोजना भी तैयार की है। उक्त दोनों प्रस्तावित योजनाओं के लिए विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) भी तैयार करवाई जा रही है। प्रस्तावित फेज-प्रथम के निर्माण कार्यों की डीपीआर अन्तिम चरण में है, जिसमें लगभग दस करोड़ की धनराशि व्यय होने का अनुमान है। फेज-प्रथम में कोठा भवन के पूर्व व उत्तर में स्थित भाग का निर्माण किया जाना है, जिसमें भोग मंडी, स्टोर, पंच केदार पूजा स्थल, कार्यालय, सत्संग हाॅल, बहुउद्देश्यीय हाॅल आदि प्रस्तावित हैं। द्वितीय चरण में श्री केदारनाथ गद्दी स्थल, ऊषा-अनिरूद्ध विवाह मण्डप, श्री चंडिका मन्दिर, रावल निवास एवं खाद्यान भंडार हेतु कक्षों का निर्माण प्रस्तावित है। फेज-द्वितीय के निर्माण पर भी बड़ी भारी धनराशि व्यय होने का अनुमान है।
बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र ने कहा कि वर्तमान में श्री ओंकारेश्वर मन्दिर तक पहुँचने के एप्रौच रोड काफी संकरी है और वहां पर पार्किंग की बड़ी भारी समस्या है।
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