रूम टू रीड इंडिया के तहत दशौली ब्लॉक मे रीडिंग कैम्प का आयोजन किया गया।

गोपेश्वर/जोशीमठ,26फरवरी।
रूम टू रीड इंडिया ट्रस्ट एवं जय नंदा स्वरोजगार शिक्षण संस्थान(जनदेश) कल्पक्षेत्र उर्गम घाटी के द्वारा दशोली ब्लाक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय तिफोरी कुजाँऊ मे रीडिंग कैंप का आयोजन किया गया
 
नई शिक्षा नीति 2020 और निपुण भारत अभियान के अंतर्गत मूलभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान हेतु बच्चों के लिए कुछ लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं और उन लक्ष्यों को प्राप्त करने में सामुदायिक सहयोग अपेक्षित है, समुदाय में माता-पिता का सहयोग, आंगनबाड़ी और पंचायत राज के प्रतिनिधियों के सहयोग से बच्चों को सिखाना घर पर भी नियमित रख सकते हैं और आपस में मिल जोल के द्वारा समुदाय और घर को भी पढ़ने के स्थान के रूप में स्थापित कर सकते हैं।
 
कार्यक्रम का बच्चों के साथ परिचय सत्र के माध्यम से शुरुआत की गई, बच्चों ने बताया कि 4% बच्चे ही गांव में अपने अभिभावकों के साथ सायं को अध्ययन करते हैं। 90% बच्चों का लक्ष्य निर्धारण का कोई उद्देश्य अभी तक तय नहीं हुआ है। बच्चों द्वारा यह भी बताया गया कि कोविड-19 के समय में बच्चों ने ऑनलाइन मोबाइल के माध्यम से अपनी पढ़ाई जारी रखी, साथ ही आपस में चर्चा परिचर्चा नहीं कर पाये। 
रीडिंग के मुख्य प्रशिक्षक लक्ष्मण सिंह नेगी के द्वारा बच्चों को लिटरेसी क्लाउड के बारे में वार्षिक कैलेंडर, इंटरएक्टिव वायरस रिस्पांस, जीवन कौशल समिति विषयों और उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी दी गई।  टोल फ्री नंबर की भी बच्चों को जानकारी दी गई।  ग्रुप चर्चा के माध्यम से बच्चों को लिटरेसी क्लाउड के बारे में चर्चा की गई लिटरेसी क्लाउड के माध्यम से बच्चों को कहानी कविता वीडियो पठन सूचियां के आधार पर श्रेणी बंद किया गया है अध्यापकों के लिए भी इसमें पठन कौशल विकास के लिए सहायक वीडियो ब्लॉक कराई गई है जिसका लाभ बच्चे ले सकते हैं। प्रशिक्षक रघुवीर सिंह चौहान ने बच्चों को खेल के माध्यम से अंक ज्ञान कराया गया साथ ही मानसिक खेल भी बच्चों को कराया गया। 
बच्चों को नेतृत्व विकास के लिए बाघ बकरी का खेल कराया गया। इस मौके पर 38 बच्चों ने प्रतिभाग किया 12 अभिभावकों ने कार्यक्रम में प्रतिभाग। कार्यक्रम में पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य सीमा असवाल , मुकेश नेगी शीशपाल सिंह रावत, राजेश्वरी देवी आशा कार्यकर्ती , मुकेश बिष्ट, शीशपाल सिंह आदि थे

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ