जोशीमठ,09 दिसम्बर।
सीडीएस जनरल विपिन रावत अब हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन भगवान बद्रीविशाल के प्रति उनकी अटूट आस्था उन्है हर बार यहाँ खींच लाती थी।कोविड काल से पूर्व जनरल रावत सितम्बर 2019 में भगवान बद्रीविशाल के दर्शनों को पहुंचे थे।
जनरल रावत के साथ विताये यादगार पलों का स्मरण करते हुए श्री बद्रीनाथ धाम के धर्माधिकारी आचार्य भुवन चन्द्र उनियाल कहते हैं कि जनरल विपिन रावत का भगवान बद्रीविशाल से अटूट संबंध व स्नेह रहा, वे बद्रीनाथ धाम व सीमावर्ती क्षेत्र के लीगों का उत्साह बर्धन करते हुए कहते थे कि बार्डर के निवासी भी सेना से कम नहीं है, और द्वितीय रक्षा पंक्ति में बारह महीनेडट कर खड़े रहते हैं,
धर्माधिकारी ने कहा कि जब जनरल रावत अपनी गढ़वाली भाषा मे बात करते थे सभी लोग गदगद हो जाते थे।
धर्माधिकारी ने जनरल रावत के निधन को देश की अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि भारत का लाल व उत्तराखंड का ताज हमारे बीच से चला गया।
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