जोशीमठ,25 नवंबर।
पीडब्लूडी कार्यालय को जोशीमठ से स्थानांतरित किये जाने पर क्षेत्र मे उबाल, मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर तत्काल आदेश निरस्त करते हुए पूर्ववत स्थिति बहाल करने की मांग की गई है।
सीमान्त नगर जोशीमठ मे बॉर्डर एरिया व श्री बद्रीनाथ धाम के महत्व को समझते हुए साठ के दशक में जोशीमठ मे लोनिवि का कार्यालय स्थापित हुआ था, जो तब से लेकर अब तक बदस्तूर संचालित हो रहा था, और वर्तमान में यहां दो सहायक अभियंता, पांच अवर अभियंता व कैम्प बाबू सहित अन्य स्टाफ तैनात थे, लेकिन अचानक इस कार्यालय को यहाँ से स्थानांतरित कर जिला मुख्यालय गोपेश्वर शिफ्ट कर दिया गया है, इसकी भनक लगते ही क्षेत्र में भारी आक्रोष है।
सीमान्त विकास खंड जोशीमठ के प्रमुख हरीश परमार व निर्वाचित प्रतिनिधियों ने ने शासन के इस निर्णय का जबर्दस्त विरोध करते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया है।एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे इस ज्ञापन में कहा गया है कि लोनिवि कार्यालय को हटाना सीमान्त क्षेत्र की उपेक्षा का ताजा उदाहरण है, यथाशीघ्र स्थानांतरण आदेश निरस्त करने की मांग की गई है।
जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए इस ज्ञापन की प्रति लोक निर्माण मंत्री, सचिव लोनिवि व डी एम चमोली को भी प्रेषित की गई है। ज्ञापन देने वालों में ब्लॉक प्रमुख हरीश परमार के अलावा प्रधान संगठन के अध्यक्ष अनूप नेगी, क्षेत्रपंचायत सदस्य दीपक रावत, थेंग के प्रधान महाबीर पंवार, गुलाबकोटी के प्रधान जानकी प्रसाद, मोलटा के प्रधान विनोद नेगी, किमाना के मुकेश सेमवाल, व हेलंग के प्रधान आनंद सैलानी आदि प्रमुख हैं।
गौरतलब है कि लोनिवि के जोशीमठ कार्यालय को स्थानांतरित किये जाने के पीछे तर्क दिया जा रहा है कि बद्रीनाथ मास्टर प्लान के लिए जो नया डिवीजन खुला है उसका कार्यालय जोशीमठ से संचालित होगा, जो किसी के गले नहीं उतर रहा। बद्रीनाथ मास्टर प्लान के लिए प्रस्तावित डिवीजन पांडुकेश्वर अथवा जोशीमठ में ही कहीं अन्यत्र भी खोला जा सकता है लेकिन वर्षों से स्थापित सब डिवीज़न को ही हटा देना कतई उचित नहीं कहा जा सकता।
जनप्रतिनिधियों द्वारा इस मसले का संज्ञान लेने व सी एम को ज्ञापन भेजने के बाद भी यदि स्थानांतरण आदेश निरस्त नहीं होता है तो आने वाले दिनों में यह एक बड़े आंदोलन का स्वरुप भी ले सकता है इससे इंकार नहीं किया जा सकता।
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