---------------------- प्रकाश कपरूवान।
बद्रीनाथ/जोशीमठ,27 सितम्बर।
देश के अन्तिम गांव माना पहुंचने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बॉर्डर एरिया डेवलेपमेंट प्रोग्राम मद से करीब 8 करोड़ की धनराशि से अनेक विकास योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है।
भू-वैकुण्ठ धाम श्री बद्रीनाथ पहुंचने वाले श्रद्धालुओं में अधिकांश श्रद्धालु भारत-तिब्बत सीमा के अन्तिम गांव माना के साथ ही भीमपुल, ब्यासगुफ़ा, गणेश गुफा, वसुधारा आदि अनेक धार्मिक व रमणीक स्थलों तक पहुंचकर अपनी बद्रीनाथ यात्रा को यादगार बनाते हैं।
कोरोना काल से पूर्व लाखों की संख्या में माना पहुंचने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को पार्किंग की समस्या से जूझना पड़ता था, इसे देखते हुए माना में वहुमंजिला पार्किंग के साथ ही अत्याधुनिक शौचालय, मीटिंग हॉल,कम्युनिटी सेन्टर के अलावा धार्मिक दर्शनीय स्थल भीमपुल में यात्रियों को बैठने के लिए वेन्चेज, सुरक्षित सेल्फी पॉइन्ट का निर्माण, वसुधारा झरने के आस पास सौंदर्यीकरण,तथा माना स्टेशन से भीमपुल व अन्य दर्शनीय स्थलों तक के मार्गों में रैलिंग लगाए जाने का कार्य किया जा रहा है।
जनपद चमोली के परियोजना निदेशक प्रकाश रावत के अनुसार बीएडीपी योजना के अंतर्गत सीमान्त गांव माना के पंचायत परिसर में मीटिंग हॉल, के साथ ही मल्टीपर्पज हॉल/कम्युनिटी सेन्टर का निर्माण किया जा रहा है, इसके अलावा माना ग्राम पंचायत के अंतर्गत धनतोली/पाट्या तोक मे  वहुमंजिला पार्किंग का निर्माण प्रगति पर है।उन्होंने बताया कि माना व माना से लगे धार्मिक एवं रमणीक स्थलों का सौंदर्यीकरण तथा विभिन्न स्थानों मे अत्याधुनिक शौचालयों का निर्माण भी कराया जा रहा है।
माना के प्रधान पीताम्बर मोलपा ने कहा कि बीएडीपी के अंतर्गत अनेक कार्य किये जा रहे हैं, इनके निर्माण से श्रद्धालुओं व पर्यटकों को बेहतर सुविधा तो मिलेगी ही, माना गांव को स्वरोजगार तथा परम्परागत ऊनी कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा ।